रामलीला मैदान रैली : राहुल गांधी ने कहा-'वोट चोरी करने वालों को जाने नहीं देंगे, क़ानूनी कार्रवाई करेंगे

राहुल गांधी

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इमेज कैप्शन, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक की रैली में कहा कि

प्रकाशित 2 मिनट पहले

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दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने रविवार को बड़ी रैली की. इस रैली में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला.

विपक्षी नेताओं ने एसआईआर के ज़रिए देश में लोकतंत्र को कमज़ोर करने और 'वोट चोरी' करने का आरोप लगाया. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर अपने समर्थकों के वोट काटे जाने का आरोप लगाया, जिससे संबंधित राज्यों के विधानसभा चुनाव में उनकी हार हुई.

रामलीला मैदान में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दलों और विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ता पहुंचे और रैली में एक विशाल भीड़ देखने को मिली.

इस रैली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी समेत कई नेता शामिल हुए.

वहीं उत्तर के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारुक़ अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती शामिल हुए.

सीपीआईएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी सरकार पर जमकर हमला बोला.

राहुल गांधी ने क्या कहा

रामलीला मैदान में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए

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इमेज कैप्शन, रामलीला मैदान में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए

रामलीला मैदान में आयोजित रैली में कांग्रस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "देश को सही रास्ते पर लाने के लिए पहला कदम ज्ञानेश कुमार को हटाना है.अमित शाह कहते हैं कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे हैं. मैं कहना चाहता हूं कि आपको और नरेंद्र मोदी को कहीं जाने नहीं दिया जाएगा. ज्ञानेश कुमार के बाद हम आपके सामने खड़े होंगे. आपके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी."

राहुल गांधी ने कहा, "आपने शिव की बारात के बारे में सुना होगा. उसमें कोई भी शामिल हो सकता है. उस तांडव में कोई भी नाच सकता है. हम ऐसा भारत चाहते हैं, जहां कोई भी जा सके. अगर कोई किसान मेहनत करता है, तो उसे अपना सपना पूरा करने का मौका मिलना चाहिए. अगर कोई छात्र 18 घंटे पढ़ाई करता है, तो उसे इसका इनाम मिलना चाहिए. हम कुछ लोगों का देश नहीं चाहते.''

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इमेज कैप्शन, रामलीला मैदान में पहुंचे विपक्षी दलों के कार्यकर्ता और समर्थक

राहुल गांधी ने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा, "यह सामान्य चोरी नहीं है. सामान्य चोरी तब होती है, जब कोई दुकान से कुछ चुराता है. यह हर व्यक्ति की आवाज की चोरी है. इसे देशद्रोह कहा जाता है. ज्ञानेश कुमार के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन पाते."

रामलीला मैदान में मंच पर पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि लोगों की आवाज़ बता रही है कि 'हम देश में लोकतंत्र को ख़त्म नहीं होने देंगे. आप खुद को बड़ा समझ सकते हैं, आपके पास पैसा हो सकता है, लेकिन आप संविधान से बड़े नहीं हैं. संविधान आपसे बड़ा है.'

'रामलीला मैदान में महाभारत'

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इमेज कैप्शन, तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि महाभारत की कथा की तरह चुनाव भी शकुनि के पाशे की तरह हो गया है

रैली में पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, "वैसे तो यह रामलीला मैदान में रामायण का आयोजन होता है, लेकिन हम लोगों ने वोट चोरों के लिए यहां 'महाभारत' का आयोजन किया है."

उन्होंने भारत में चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को महाभारत की कथा के शकुनि से जोड़ा और आरोप लगाया, "आप सब जानते हैं कि शकुनि ने महाभारत ने क्या खेल खेला था. शकुनी कौन था और उसका पाशा क्या था. जब शकुनी अपना खेल खेल रहा है तो हमें महाभारत की लड़ाई लड़नी पड़ेगी."

"शकुनि जब पाशा फेंकता था तो पाशा वही करता था जो शकुनि कहता था. यानी वहां बेईमानी होती थी, लेवल प्लेइंग फ़ील्ड नहीं होता था."

तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जेल भेजा जाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी देश के लोकतंत्र को कुचलने की हिम्मत न कर सके.

लोकतंत्र के लिए हल्दीघाटी

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इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (बीच में) ने कहा कि मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल में चुनाव लूटा है

रैली में पहुंचे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समजावादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया, "देश में कौन नहीं जानता है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल का चुनाव लूटा है. बंगाल चुनाव की वो तस्वीरें कोई भूल नहीं सकता है कि लाखों फ़ौज लगाकर चुनाव से पहले एसआईआर से वोट कटवा दिए थे. हमने इनकी चोरी पकड़ी है. हम हार नहीं मानने वाले."

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी केवल यह चाहती है कि उसके समर्थक ही भारत के नागरिक और वोटर हों.

अखिलेश यादव ने कहा, " आज रामलीला मैदान लोकतंत्र का हल्दीघाटी बन गया है. जो यूपी में आए थे वो यूपी से बाहर जाएंगे. यूपी वाले स्वागत अच्छा करते हैं तो विदाई भी अच्छी करते हैं."

वहीं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "बंगाल एसआईआर से बने हालात का शिकार हुआ है. हम छोड़ेंगे नहीं. हम लड़ेंगे. उन्होंने बंगाल को लूटा है, हम दिल्ली से लोकतंत्र को बचाएंगे. लोकतंत्र को वापस लाएंगे."

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में एक करोड़ से ज़्यादा वोट हटा दिए गए और चुनाव में उनकी हार नहीं हुई बल्कि उन्हें हराया गया.

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इमेज कैप्शन, सीपीआईएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि अब पूरे देश ने यह समझ लिया है कि एसआईआर आम लोगों के वोट छीने लेने का एक ज़रिया है

सीपीआईएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, "जबसे इन लोगों ने बिहार में एसआईआर शुरू किया था, तब से पूरे देश ने इसे देखा और झेला है. अब पूरे देश ने यह समझ लिया है कि एसआईआर आम लोगों के वोट छीने लेने का एक ज़रिया है."

"लोकतंत्र के ख़िलाफ़ सत्ता की ओर से एक सर्जिकल स्ट्राइक है. जब से एसआईआर के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरू हुआ इन लोगों ने जंतर-मंतर को प्रतिबंधित कर दिया. लग रहा है कि यह दिल्ली अब किसी लोकतांत्रित देश की राजधानी नहीं है. इस देश में कोई पुलिस स्टेट चल रहा है, कोई सैन्य शासन चल रहा है."

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इमेज कैप्शन, सीपाईआई(एम) के समर्थक रैली में शामिल होते हुए

सीईसी ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ कांग्रेस का 'जन महाभियोग'

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इमेज कैप्शन, कई विपक्षी दलों का आरोप है कि देश में एसआईआर के बहाने वोट चोरी की जा रही है

इससे पहले इंडिया गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ 'जन महाभियोग' का प्रस्ताव पारित किया.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एक 'मॉक संसद' में ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किया गया.

प्रस्ताव पर चर्चा के आख़िर में राहुल गांधी ने कहा, "13.3 करोड़ वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटाए गए. पिछले लोकसभा (2019) चुनावों में इन वोटरों ने मतदान किया था. 2024 में बीजेपी ने चुनाव 3 परसेंट के मार्जिन से जीता. हर सात में से एक वोटर का नाम मिटाकर चुनाव आयोग ने कबूल किया है कि 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था."

राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश और उनके साथी षड्यंत्रकारियों ने 'देशद्रोह' किया है और इसके लिए उनपर कार्रवाई ज़रूर होगी.

राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार अब मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर बचने वाले नहीं हैं.

राहुल गांधी ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार "मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने नहीं रह पाएंगे" और विपक्ष के पास यह सुनिश्चित करने के लिए "काफी सबूत" हैं कि वह पद पर न बने रहें.

राहुल गांधी ने कहा, "अगर हम जो 'सबूत' सामने लाएंगे, उसके बाद भी बीजेपी उन्हें पद पर बनाए रखने पर अड़ी रहती है, तो बीजेपी का खेल सबके सामने साफ हो जाएगा."

इस पर बीजेपी ने कहा कि विपक्ष राहुल गांधी को अपना "मॉक प्रधानमंत्री" घोषित कर सकता है.

बीजेपी ने भी एक नवंबर को इंडिया गठबंधन की रैली के जवाब में "काउंटर रैली" करने का ऐलान किया है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन हरियाणा के रोहतक में इस रैली का नेतृत्व करेंगे.

अक्टूबर के पहले दो हफ्तों में हुए बड़े प्रदर्शनों के बाद जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचना से हटा दिया गया था. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय किए गए तीन स्थानों में से एक के रूप में चुना था.

विपक्षी दलों का क्या है आरोप

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इमेज कैप्शन, सीपाईआई(एम) के समर्थक

कांग्रेस के नेतृत्व वाला इंडिया गठबंधन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली कर रहा है.

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "हमारा विरोध सिर्फ एक रैली तक सीमित नहीं रहेगा. आगे देखिए क्या होता है."

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों और नागरिक समाज के समूहों समेत लोगों से इस सभा में शामिल होने की अपील की थी.

सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होने वाली इस सभा को उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का आंदोलन बताया.

राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से रैली में शामिल होने और त्योहारों के मौसम में स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी कर उनका समर्थन करने की भी अपील की.

एक नवंबर की इस रैली को कई राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया और इसमें कई बड़े विपक्षी नेता शामिल हुए.

भारतीय युवा कांग्रेस ने कहा था कि रैली में शामिल होने वाले लोग सफेद कपड़े पहनेंगे और "भूतों" जैसे दिखेंगे.

इसका मक़सद उन मतदाताओं का प्रतीकात्मक विरोध करना है, जिन्हें कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया गया या जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं.

रैली के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई, तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी और 10 हजार अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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Source: BBC Hindi · BBC News हिंदी

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