ब्राज़ील में दक्षिणपंथी राजनीति को झटका, लूला चौथी बार बनेंगे राष्ट्रपति

ब्राज़ील

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को साओ पाउलो राज्य के साओ बर्नार्डो में दूसरे दौर के चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद समर्थकों का अभिवादन करते हुए

प्रकाशित 2 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 4 मिनट

ब्राज़ील के नेता लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने शानदार वापसी करते हुए राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की है.

इस जीत के साथ 80 वर्षीय लूला को चौथी बार राष्ट्रपति बनने का मौक़ा मिला है.

उन्होंने देश के राष्ट्रपति चुनाव में कट्टर दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को मामूली अंतर से हराया.

लगभग सभी वोटों की गिनती पूरी होने के बाद, रविवार को लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े लोकतंत्र में हुए चुनाव के दूसरे दौर में लूला को 51.76 फीसदी वोट मिले, जबकि जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.24 फीसदी वोट मिले.

लूला की जीत कई चुनावी सर्वे के अनुमानों के उलट रही. इन सर्वे में बोल्सोनारो को मामूली बढ़त दी गई थी. इस महीने की शुरुआत में पहले दौर के मतदान में 45 वर्षीय सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने लगभग दो प्रतिशत अंकों की बढ़त हासिल की थी.

वामपंथी नेता लूला इससे पहले 2003 से 2010 तक राष्ट्रपति रह चुके हैं. चार साल पहले उन्होंने तीसरी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया था.

हालांकि, रविवार को मतदान की प्रक्रिया विवादों से घिर गई. सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने मतदान केंद्रों के बंद होने का निर्धारित समय क़रीब आने पर मतदान की अवधि दो घंटे बढ़ाने का आदेश दिया.

यह फ़ैसला लूला के गठबंधन की उन शिकायतों के बाद आया, जिनमें कई राज्यों में सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी समस्याओं का ज़िक्र किया गया था. ब्राज़ील के कई नागरिक मतदान केंद्रों तक पहुँचने के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं.

छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें

सबसे अधिक पढ़ी गईं

  • अरुणाचल प्रदेश में प्रोटेस्ट

  • ड्रोन

  • सोने का आभूषण देखती महिला

  • हैदराबाद पुलिस ने बताया कि एक हजार लोग हनीट्रैप के शिकार हुए हैं.

समाप्त

कहा जा रहा है कि लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी दलों की चुनावी जीत के रुझान को पलटते हुए लूला की दोबारा जीत से इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की अमेरिकी महत्वाकांक्षाओं को झटका लगा है.

पूर्व मेटल वर्कर लूला 1989 में पहली बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के बाद से ब्राज़ील में वामपंथ के सबसे प्रमुख नेता रहे हैं. इसके बावजूद, उन्हें अब अपने राजनीतिक जीवन की सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है.

उनका नया कार्यकाल पाँच जनवरी 2027 से शुरू होने वाला है. इसकी शुरुआत देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी चुनौतियों के बीच होगी. इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराज़गी भी शामिल है.

ट्रंप ने लूला के प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो का सीधे तौर पर समर्थन नहीं किया था. हालांकि, उन्होंने कोलंबिया और होंडुरास में राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले दक्षिणपंथी उम्मीदवारों का समर्थन किया था. इसके बावजूद, इसमें बहुत कम संदेह है कि अमेरिकी प्रशासन 21.3 करोड़ आबादी वाले ब्राज़ील की सत्ता में किसी रूढ़िवादी नेता को देखना अधिक पसंद करता.

व्हाइट हाउस लैटिन अमेरिका को अमेरिकी प्रभाव का क्षेत्र मानता है. ट्रंप प्रशासन चाहता है कि इस क्षेत्र में ऐसे नेता सत्ता में रहें, जो रक्षा, सुरक्षा और व्यापार समेत विभिन्न मुद्दों पर उसकी नीतियों का समर्थन करें.

ब्राज़ील

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ब्राज़ील के राष्ट्रपति और वर्कर्स पार्टी के दोबारा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के समर्थक 25 अक्टूबर 2026 को ब्राज़ील के रियो ग्रांडे दो सुल राज्य के पोर्टो एलेग्रे स्थित पार्के दा रेडेंकाओ में झंडों के साथ तस्वीर खिंचवाते हुए

अमेरिका के लिए झटका?

पूर्व ट्रेड यूनियन नेता लूला ने डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति की आलोचना की है, जबकि बोल्सोनारो ने व्हाइट हाउस में अपने वैचारिक सहयोगी के साथ क़रीबी संबंध बनाने का वादा किया था.

पिछले साल से अमेरिका ने ब्राज़ील पर व्यापार शुल्क और अन्य प्रतिबंध लगाए हैं.

शुरुआती दौर में फीके रहे चुनाव प्रचार के बाद लूला ने पहले चरण के मतदान के नतीजों के बाद कई तरह की राहतों की घोषणा की. इनमें क़र्ज़ माफ़ी, वीकेंड में मुफ़्त सार्वजनिक परिवहन और गरीब छात्रों के लिए वित्तीय सहायता शामिल थीं.

विपक्ष ने मौजूदा राष्ट्रपति लूला पर वोट ख़रीदने का आरोप लगाया और कहा कि इन उपायों से सरकारी वित्तीय स्थिति और ख़राब होगी.

फ्लावियो बोल्सोनारो के पिता जायर बोल्सोनारो को पिछले साल 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में दोबारा जीत हासिल करने की नाकाम कोशिश के बाद तख्तापलट की साज़िश रचने का दोषी पाया गया था.

जायर बोल्सोनारो फ़िलहाल 27 साल की सज़ा काट रहे हैं. स्वास्थ्य कारणों से उन्हें इस समय घर पर रखा गया है.

संगठित अपराध के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई के वादे के साथ फ्लावियो बोल्सोनारो ने सरकारी ख़र्च में कटौती और टैक्स कम करने का भी वादा किया था.

पहले दौर के नतीजों के बाद निवेशकों ने बोल्सोनारो की कारोबारी हितों के अनुकूल नीतियों की संभावनाओं का स्वागत किया था.

तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लूला की जीत ने आधुनिक ब्राज़ील के इतिहास के सबसे प्रभावशाली राजनेताओं में उनकी जगह को और मज़बूत किया है. सार्वजनिक जीवन में लगभग पांच दशक बिताने के बाद यह जीत उनके राजनीतिक करियर की एक अहम उपलब्धि है.

मेटल इंडस्ट्री में काम कर चुके लूला ने पहली बार 2003 से 2010 तक देश की सरकार का नेतृत्व किया था. इस दौरान उन्होंने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जिनसे ग़रीबी कम करने में मदद मिली.

बाद में भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें जेल जाना पड़ा. हालांकि, बाद में रिहा कर दिया गया था. इसके बाद चार साल पहले उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को हराकर सक्रिय राजनीति में वापसी की.

विपक्षी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो की हार उनके पिता की ओर से क़रीब एक दशक पहले शुरू किए गए कट्टर लोकलुभावन राजनीतिक आंदोलन के लिए झटका है. यह आंदोलन अब ब्राज़ील की राजनीति में दक्षिणपंथ का सबसे प्रभावशाली धड़ा बन चुका है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

Source: BBC Hindi · BBC News हिंदी

At a glance

Topic
World
Country
🇮🇳 IN
Publisher language
HI
Added to Allnira