अभिजीत दीपके ने दिलजीत दोसांझ से कहा, 'छोटा भाई समझकर अब मिट्टी डालो'

अभिजीत दीपके ने दिलजीत दोसांझ के साथ जारी विवाद को ख़त्म करने की पेशकश की है

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने दिलजीत दोसांझ के साथ जारी विवाद को ख़त्म करने की पेशकश की है

प्रकाशित 5 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ पर टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी है.

उन्होंने दिल्ली में नीट पेपर लीक के बाद हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान आवाज़ नहीं उठाने को लेकर दिलजीत की आलोचना की थी.

दीपके ने यह माफ़ी शुक्रवार शाम दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अपने कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत दोसांझ के इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने के बाद मांगी.

दिलजीत ने बिना दीपके या सीजेपी का नाम लिए कहा कि किसी को भी पंजाबियों को लड़ना सिखाने की ज़रूरत नहीं है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मंच पर उनकी फ़िल्म 'सतलुज' का मज़ाक क्यों उड़ाया गया.

इंस्टाग्राम पर दीपके ने दिलजीत से विवाद ख़त्म करने की अपील की और कहा कि वे उन्हें अपना छोटा भाई समझकर अब इसे रहने दें.

दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा?

दिलजीत दोसांझ

इमेज स्रोत, Pedro Becerra/Redferns

इमेज कैप्शन, दिलजीत दोसांझ ने कहा है कि वे केवल एक कलाकार हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों को लेकर एक प्रशंसक के सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया का बचाव किया. उस समय उन्होंने कहा था, "मैं सिर्फ एक कलाकार हूँ."

उनकी इस टिप्पणी की काफ़ी आलोचना हुई थी. आलोचना करने वालों में अभिजीत दीपके भी शामिल थे.

उन्होंने दिलजीत पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था. उनका कहना था कि दिलजीत 'सतलुज' जैसी राजनीतिक विषयों पर आधारित फ़िल्मों में काम करते हैं, लेकिन छात्र प्रदर्शनों का समर्थन नहीं करते.

छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें

सबसे अधिक पढ़ी गईं

  • rahul gandhi

  • पाकिस्तान

  • वर्ल्ड बैंक की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत में शहरी इलाक़ों की तुलना में ग्रामीण इलाक़ों में ज़्यादा ग़रीबी कम (फ़ाइल फ़ोटो)

  • साई पल्लवी

समाप्त

दिलजीत ने बिना किसी राजनीतिक पार्टी का नाम लिए दर्शकों से कहा, "मैं आप सभी से प्यार करता हूँ, क्योंकि मैं एक कलाकार हूँ. मैं चुप हूँ, तो मुझे चुप रहने दीजिए. मैं आप सभी का समर्थन करता हूँ. लेकिन पंजाबियों को लड़ना मत सिखाइए."

उन्होंने कहा, "जिस फ़िल्म का आप मंच पर मज़ाक उड़ा रहे हैं, जसवंत सिंह खालड़ा की उस फ़िल्म के लिए हमने लंबे समय तक संघर्ष किया है. मैं आप सभी से प्यार करता हूँ. अगर कोई हमसे नफ़रत करता है, तो कोई बात नहीं. लेकिन मैं आप सभी से प्यार करता हूँ."

दिलजीत की इस टिप्पणी के बाद अब अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है.

अभिजीत दिपके ने कहा- 'छोटा भाई समझकर इस विवाद को ख़त्म कर दीजिए'

इंस्टाग्राम पर दीपके ने लिखा, "पाजी, जून में जब हम प्रदर्शन कर रहे थे, तब आपकी टिप्पणी से मुझे थोड़ा दुख हुआ था. ऐसा इसलिए नहीं था कि मेरे मन में आपके लिए व्यक्तिगत तौर पर कुछ था, बल्कि इसलिए क्योंकि मैंने हमेशा आपको ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा है जो किसी मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाता है. जैसा कि आपने ख़ुद भी कहा था."

उन्होंने आगे लिखा, "अगर कुछ है तो वह यह कि मैं हमेशा से आपका प्रशंसक रहा हूँ और यह बात आज भी नहीं बदली है. मैं आज भी आपके गाने सुनता हूँ. दरअसल, भारत लौटने से ठीक पहले इस साल मई में मैं शिकागो में आपके कॉन्सर्ट में भी आया था. सिर्फ़ आपके संगीत के लिए नहीं, बल्कि इसलिए भी कि मेरे मन में आपके व्यक्तित्व के लिए हमेशा बहुत सम्मान रहा है."

दीपके ने की दिलजीत की तारीफ़

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के दौरान दिलजीत दोसांझ की ख़ामोशी पर सवाल उठाए थे (फ़ाइल फ़ोटो)

दीपके ने दिलजीत के साहस, उनकी असलियत और अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुँचाने के उनके प्रयासों की भी तारीफ की.

उन्होंने लिखा, "शायद यही वजह थी कि आपकी टिप्पणी से मुझे थोड़ा दुख हुआ, क्योंकि मैंने हमेशा आपको बहुत ऊंचा दर्जा दिया है. लेकिन किसी एक असहमति या ग़लतफ़हमी से आपके प्रति मेरा सम्मान और प्रशंसा कम नहीं होती."

अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने सुलह का संदेश देते हुए लिखा, "बाकी पाजी, छोटा भाई समझकर माफ़ कर दीजिए. और आख़िर में मैं बस इतना कहना चाहूंगा- 'गबरू ता वैरी नूं वी मिठा बोलदा, नी तू तां फेर जट्ट दा प्यार गोरिए.'" (मेरा दुश्मन है, उसके साथ भी मैं प्यार करता हूँ तुम तो मेरा प्यार है.)

अभिजीत दीपके और दिलजीत दोसांझ के बीच विवाद क्या है?

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, नीट पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया था (फ़ाइल फ़ोटो)

यह विवाद जून में शुरू हुआ था, जब दिलजीत दोसांझ ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं और नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों से खुद को अलग कर लिया था.

इंस्टाग्राम लाइव के दौरान एक प्रशंसक ने उनसे पूछा था कि क्या वह इन प्रदर्शनों में शामिल होंगे. इस पर उन्होंने जवाब दिया था, "मुझे इन सब चीज़ों से दूर रखिए. भाई, मैं एक कलाकार हूँ. मैं कोई राजनेता नहीं हूँ. पता नहीं आप मुझे क्या समझते हैं."

इसके बाद उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की एक पंक्ति का उल्लेख किया, "नानक दुखिया सब संसार, सो सुखिया जिस नाम आधार." (यानी यह सारा संसार दुखों, चिंताओं और कष्टों से घिरा हुआ है. सुखी वही व्यक्ति है, जिसने ईश्वर को अपने जीवन का आधार बना लिया है).

उन्होंने कहा था, "देखिए, इस दुनिया में सब कुछ कभी सही नहीं हो सकता. इसलिए जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें बधाई और जिनके लिए प्रदर्शन किया जा रहा है, उन्हें भी बधाई. क्योंकि मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता."

इमेज स्रोत, Bharat Bhushan/Hindustan Times via Getty Images

इमेज कैप्शन, साल 2020 में तीन किसान क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किए थे, जिसका दिलजीत ने समर्थन किया था (फ़ाइल फ़ोटो)

उनकी इस प्रतिक्रिया को कई लोगों ने पसंद नहीं किया. लोगों ने इसकी तुलना साल 2020 के किसान आंदोलन के दौरान उनके रुख़ से की थी. उस समय दिलजीत ने केंद्र सरकार के उन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसानों का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया था, जिन्हें बाद में वापस ले लिया गया था.

इस बीच, मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फ़िल्म 'सतलुज' को कुछ समय के लिए ज़ी-5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया.

केंद्रीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफ़सी) की ओर से कथित तौर पर प्रमाणपत्र नहीं दिए जाने के कारण इस फ़िल्म को रिलीज होने में क़रीब तीन साल लगे थे.

यह फ़िल्म खालड़ा की कहानी बताती है. उन्होंने 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में पंजाब में कथित ग़ैर-क़ानूनी हत्याओं और गुप्त तरीके से शवों के अंतिम संस्कार किए जाने के मामलों को सामने लाया था.

सरकार ने देश की सुरक्षा को खतरा होने और फिल्म का इस्तेमाल विरोधी तत्वों द्वारा किए जाने की आशंका का हवाला देते हुए इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया था.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

Source: BBC Hindi · BBC News हिंदी

At a glance

Topic
World
Country
🇮🇳 IN
Publisher language
HI
Added to Allnira